ट्रंप का सख्त संदेश: न क्रीमिया वापस मिलेगा, न NATO की सदस्यता – जेलेंस्की को समझौते का दिया सुझाव
वाशिंगटन : रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है, और इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ होने वाली अहम बैठक से पहले स्पष्ट कर दिया है कि यूक्रेन न तो क्रीमिया को रूस से वापस ले सकता है और न ही NATO की सदस्यता की उम्मीद रख सकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब जेलेंस्की वॉशिंगटन के दौरे पर हैं और ट्रंप के साथ वाइट हाउस में शांति वार्ता पर चर्चा होनी है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “यूक्रेन के राष्ट्रपति चाहें तो रूस के साथ युद्ध तुरंत समाप्त कर सकते हैं, या फिर लड़ाई जारी रख सकते हैं। याद रखें कि क्रीमिया पहले ही 2014 में ओबामा प्रशासन के दौरान रूस के कब्जे में चला गया था।”
‘युद्ध खत्म करो या अंजाम भुगतो’: ट्रंप का दबाव
ट्रंप ने यह भी कहा कि कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं और क्रीमिया की वापसी अब असंभव है। उन्होंने जेलेंस्की पर युद्ध समाप्त करने का दबाव डालते हुए सुझाव दिया कि रूस के साथ समझौता ही एकमात्र रास्ता है।
इससे पहले, ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अलास्का में मुलाकात की थी और बातचीत के दौरान एक संभावित शांति प्रस्ताव की बात सामने आई थी। ट्रंप ने जेलेंस्की को बताया कि यदि यूक्रेन डोनेट्स्क क्षेत्र को छोड़ने के लिए तैयार हो, तो कई मोर्चों पर युद्ध विराम हो सकता है। हालांकि, जेलेंस्की ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
आज वॉशिंगटन में ट्रंप-जेलेंस्की की बैठक
आज, सोमवार को ट्रंप वॉशिंगटन में जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के साथ बैठक की मेजबानी करने जा रहे हैं, जहां यूक्रेन युद्ध और संभावित शांति समझौते पर चर्चा होगी। ट्रंप के बयानों से यह स्पष्ट हो चुका है कि अमेरिका की नीति में बड़ा बदलाव आ सकता है, जिसमें अब यूक्रेन से समझौते की अपेक्षा की जा रही है।

