मूरी–सिल्ली : 20 सितम्बर 2025 को आदिवासी कुड़मी समाज द्वारा मूरी–सिल्ली रेल खंड पर “रेल टेका डहर छेका आंदोलन” के तहत दक्षिण पूर्वी रेलवे रांची मंडल के मूरी स्टेशन पर भारी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने रेल सेवा को बाधित किया। प्रशासन की सख्ती के बावजूद आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक पर डटे रहे।
जेएलकेएम के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो अपनी विधान सभा क्षेत्र सिल्ली से हजारों समर्थकों के साथ लगभग 20 किमी पैदल चलकर मूरी स्टेशन पहुंचे और आंदोलन का नेतृत्व किया। प्रदर्शनकारियों ने देर रात तक “कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करो”, “कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में जोड़ा जाए”, “सरना धर्म कोड लागू करो” जैसे नारे लगाए।
रात लगभग 10 बजे देवेंद्र नाथ महतो और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सकारात्मक वार्ता के बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया गया और रेल सेवाएं सामान्य कर दी गईं।
हालांकि, आंदोलन के बाद आरपीएफ पोस्ट / मूरी ओपी में केस संख्या 2158/25 के तहत रेल अधिनियम की धारा 145, 146, 147 एवं 174(क) के तहत देवेंद्र नाथ महतो को मुख्य अभियुक्त बनाते हुए कुल छह नेताओं के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। अन्य नामजद नेता हैं –
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सुदेश कुमार महतो (पूर्व विधायक, आजसू पार्टी)
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रामपदो महतो (वरिष्ठ नेता, जेएलकेएम)
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कृष्ण महतो (प्रभारी, सिल्ली विधानसभा – जेएलकेएम)
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डोला महतो (आदिवासी कुड़मी समाज)
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श्रीकांत महतो (आदिवासी कुड़मी समाज)
इस दौरान आंदोलन स्थल पर एडीएम रांची, सिल्ली व राहे बीडीओ, सीओ सिल्ली, एसपी रांची ग्रामीण, आरपीएफ डीएसपी, मूरी आरपीएफ एएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
प्रशासनिक स्तर पर स्थिति को नियंत्रण में लाने में सफलता तो मिली, लेकिन अब आंदोलनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।

