रांची: झारखंड में रिम्स-2 निर्माण को लेकर सियासत तेज़ हो गई है। पहले स्थानीय ग्रामीणों का विरोध सामने आया और अब विपक्षी नेता भी खुलकर सरकार के खिलाफ खड़े हो गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने 24 अगस्त को रिम्स-2 की प्रस्तावित ज़मीन पर हल चलाने का ऐलान कर दिया है।
चंपई सोरेन ने ट्वीट कर कहा कि राज्य सरकार रिम्स की पहले से जर्जर व्यवस्थाओं को सुधारने में विफल रही है, ऐसे में नया अस्पताल बनाना जनता के साथ धोखा है। उन्होंने साफ किया कि वे रिम्स-2 के निर्माण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि खेती योग्य ज़मीन पर अस्पताल बनाने के विरोध में हैं। उनका कहना है कि जिस ज़मीन पर रिम्स-2 का प्रस्ताव है, वह रैयतों की खेतिहर ज़मीन है, जिसे अधिग्रहित करना उचित नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि अस्पताल का निर्माण रांची के किसी अन्य स्थान पर किया जाए।
इससे पहले कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, भाजपा महिला मोर्चा की आरती कुजूर, भाजपा नेता सन्नी टोप्पो सहित कई नेता भी ग्रामीणों के साथ मिलकर रिम्स-2 निर्माण के विरोध में प्रदर्शन कर चुके हैं।
इस पूरे मामले पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए प्रतिबद्ध है और रिम्स-2 का निर्माण मांडर क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करेगा। मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि भाजपा और अन्य दल इस प्रोजेक्ट पर शुरू से ही राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिम्स-2 निर्माण प्रस्तावित स्थान पर ही होगा और सरकार इसके लिए पूरी तरह गंभीर है।

