Ranchi : जगन्नाथपुर रथ मेला का तीसरा दिन रविवार को बारिश और मौसम में बदलाव के बावजूद उत्साह से भरा रहा। छुट्टी का दिन होने के कारण मेले में ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ पहुंचे। मेले के प्रति लोगों का प्यार साफ नजर आया, खासकर उन ग्रामीणों से, जो महीनों से इस मेले का इंतजार कर रहे थे। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “यह मेला हमारे जीवन की परंपरा का हिस्सा है, इसके लिए हम सालभर बचत करते हैं।”
मेले में बच्चों के लिए झूले, रंग-बिरंगे बैलून और खिलौनों का अच्छा इंतजाम किया गया था। वहीं, फास्ट फूड स्टॉल्स पर स्वाद का आनंद लेने वालों की भीड़ लगी रही। यह मेला न केवल मनोरंजन का केन्द्र है, बल्कि पारंपरिक खरीदारी का भी एक अहम स्थल बन चुका है। रामनवमी की तैयारी के चलते युवाओं ने तलवार, त्रिशूल जैसे प्रतीकात्मक हथियार खरीदे, जबकि महिलाएं घरेलू उपयोग के सामान, जैसे चाकू आदि, खरीदने में व्यस्त थीं।
मेले में इस बार बंगाल से आए मछली पकड़ने के जाल भी आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। दुकानदारों ने बताया कि जाल की गुणवत्ता शानदार है, और मछुआरों ने इसे खूब खरीदा। इसके अलावा, पारंपरिक वाद्य यंत्रों का भी खास प्रदर्शन हुआ, जिनमें मांदर और नगाड़े प्रमुख थे। यह वाद्य यंत्र ग्रामीण संस्कृति का अहम हिस्सा बने हुए हैं, और लोग इन्हें बड़े उत्साह से खरीद रहे थे।
मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसमें सादे लिबास में महिला और पुरुष बल तैनात किए गए थे और सीसीटीवी से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही थी।

