रांची, झारखंड | 24 सितंबर 2025 : JET परीक्षा फॉर्म भरने में आ रही समस्याओं को लेकर अबुआ अधिकार मंच ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। मंच की ओर से आयोग अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपते हुए फॉर्म भरने की शर्तों में लचीलापन लाने की अपील की गई।
संयोजक अभिषेक शुक्ला ने बताया कि JPSC द्वारा ऑनलाइन आवेदन के दौरान मैट्रिक से लेकर स्नातकोत्तर तक की डिग्री प्रमाणपत्रों को अनिवार्य रूप से अपलोड करने की शर्त रखी गई है। लेकिन राज्य के अधिकांश विश्वविद्यालयों में इतनी शीघ्रता से डिग्री जारी नहीं हो पा रही है, जिससे हजारों अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 27 सितंबर से 4 अक्टूबर तक राज्यभर में दशहरा अवकाश रहेगा, इस दौरान विश्वविद्यालयों में कोई प्रशासनिक कार्य संभव नहीं होगा। इससे छात्रों के लिए समय सीमा के भीतर फॉर्म भरना और भी कठिन हो जाएगा।
मंच ने आयोग के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखीं:
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डिग्री प्रमाणपत्र के स्थान पर मार्कशीट या प्रोविजनल सर्टिफिकेट भी मान्य किया जाए।
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फॉर्म भरने की अंतिम तिथि में कम-से-कम 15 दिनों का विस्तार किया जाए।
जब मंच का प्रतिनिधिमंडल आयोग कार्यालय पहुँचा, उस समय JPSC अध्यक्ष किसी बैठक में व्यस्त थे। हालांकि, आयोग के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन अभ्यर्थियों के पास डिग्री उपलब्ध नहीं है, वे प्रोविजनल सर्टिफिकेट के आधार पर फॉर्म भर सकते हैं। वहीं, तिथि बढ़ाने के संबंध में छात्रहित में निर्णय लेने पर विचार किया जा रहा है।
इस प्रतिनिधिमंडल में विक्रम कुमार यादव, विशाल कुमार यादव, दिवाकर कुमार, अंकित कुमार, सुमित कुमार, ऋषभ मिश्रा, अपूर्व शुक्ला समेत कई सदस्य मौजूद थे।
अबुआ अधिकार मंच की इस पहल से हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिलने की संभावना है, जो अब बिना किसी अड़चन के JET परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे।

