Jharkhand: झारखंड भाजपा के दो बड़े नेता — प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास — रविवार को दुमका परिसदन भवन में मिले। दोनों नेताओं ने इस दौरान पार्टी संगठन और राज्य की राजनीति, खासकर संताल परगना क्षेत्र की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। यह बैठक राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी अहम मानी जा रही है, खासकर उस क्षेत्र में जहां भाजपा को हाल के चुनावों में भारी नुकसान झेलना पड़ा।
बैठक के दौरान संताल परगना की सामाजिक, राजनीतिक और संगठनात्मक स्थितियों की समीक्षा की गई। भाजपा नेताओं ने माना कि पिछली लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन इस क्षेत्र में निराशाजनक रहा। लोकसभा चुनाव में पार्टी ने दुमका जैसी अहम सीट गंवाई, जबकि विधानसभा चुनाव में 18 में से 17 सीटें हार गई। ऐसे में क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने और जनाधार को फिर से खड़ा करने के लिए रणनीतिक योजना बनाई जा रही है।
रघुवर दास दो दिनों से संताल परगना के प्रवास पर हैं और उन्होंने 21 जून को पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा में एक आदिवासी संगठन द्वारा आयोजित जन चौपाल में हिस्सा लिया। रविवार को वे साहिबगंज के भोगनाडीह पहुंचकर अमर शहीद सिदो-कान्हू मुर्मू के वंशजों से मिलेंगे। इसके बाद वे बरहेट में एक और जन चौपाल कार्यक्रम में जनता से सीधा संवाद करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी रविवार सुबह इंटरसिटी ट्रेन से दुमका पहुंचे और संगठनात्मक समीक्षा के तहत रघुवर दास से मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में कदम उठाने की बात कही।
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि पार्टी को पुनः संताल परगना के गांव-गांव तक पहुंच बनानी होगी और जन संवाद कार्यक्रमों को प्राथमिकता देनी होगी। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि सिर्फ चुनाव के समय नहीं, बल्कि निरंतर जमीनी जुड़ाव से ही भाजपा क्षेत्र में पुनः विश्वास प्राप्त कर सकती है।

