रांची: राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रशिक्षित सहायक आचार्य पद के सभी सफल अभ्यर्थियों को 30 सितंबर से पहले नियुक्ति पत्र सौंप दिए जाएंगे। कुल 4333 अभ्यर्थियों में से अभी तक केवल कुछ को ही नियुक्ति पत्र मिले हैं, जबकि बाकी 4120 से अधिक अभ्यर्थियों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
सरकार का उद्देश्य है कि सभी उम्मीदवारों को दशहरा पर्व से पूर्व नियुक्त कर दिया जाए, जिससे वे अपने परिवार के साथ इस त्योहार की खुशी दोगुनी कर सकें और एक नई जिम्मेदारी के साथ अपने करियर की शुरुआत करें।
शिक्षा विभाग के अनुसार, नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित नामों की सूची को जल्द से जल्द अंतिम रूप देकर संबंधित अभ्यर्थियों को बुलाकर नियुक्ति पत्र सौंपे जाएं।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता देते हुए सभी जिलों में समान रूप से यह कार्य किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों को अब राहत देने का समय आ गया है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही नव नियुक्त शिक्षक स्कूलों में योगदान दे सकें, जिससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिले और रिक्त पदों की समस्या काफी हद तक दूर हो सके।
इस घोषणा से अभ्यर्थियों में भी उत्साह और उम्मीद का माहौल है। उनका कहना है कि दशहरा से पहले नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए किसी त्योहारी उपहार से कम नहीं होगा।
इस कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री शाम 4 बजे खूंटी जाएंगे, जहाँ वे विधिज्ञ भवन का शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान सहित कई विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहेंगे।

