रांची, 5 अक्टूबर 2025 — बीआईटी मेसरा, नया टोली निवासी विस्थापित योगु महतो, जो बीआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे, की 4 अक्टूबर को ड्यूटी के दौरान आकस्मिक मृत्यु हो गई। मृतक का पार्थिव शरीर अस्पताल से सीधे घर भेजे जाने और संस्थान की चुप्पी को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश फैल गया। इसके विरोध में आज सुबह 10 बजे से परिजन और सैकड़ों ग्रामीणों ने बीआईटी गेट को जाम कर दिया है, जो खबर लिखे जाने तक जारी था।
जेएलकेएम के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने मौके से जानकारी देते हुए कहा कि, “योगु महतो जी की मौत का कारण अब तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रबंधन द्वारा अस्पताल से शव को चुपचाप घर भेज देना अमानवीय और असंवेदनशील रवैया दर्शाता है। वीसी और रजिस्ट्रार अब तक वार्ता के लिए नहीं आए हैं, जो झारखंडी विस्थापितों की अनदेखी का एक और उदाहरण है।”
इस गेट जाम आंदोलन के चलते दुर्गा पूजा की छुट्टियों के बाद कॉलेज लौट रहे छात्रों को भी भारी परेशानी हो रही है। कई छात्र गेट से ही वापस लौटने को मजबूर हैं। आंदोलन को समर्थन देने के लिए देवेन्द्र नाथ महतो, कमलेश राम, संजय सहित सैकड़ों स्थानीय ग्रामीण उपस्थित हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।

