Close Menu
Subh MantraSubh Mantra
  • #Trending
  • देश-दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • फिल्मी-दुनिया
  • स्पोर्ट्स
  • लाइफस्टाइल
  • राशिफल
  • अन्य खबरें
Facebook X (Twitter) Instagram Threads
Subh MantraSubh Mantra
  • होम
  • देश-दुनिया
  • झारखंड
    • रांची
  • बिहार
  • फिल्मी-दुनिया
  • स्पोर्ट्स
  • लाइफस्टाइल
  • राशिफल
  • अन्य खबरें
Subh MantraSubh Mantra
  • #Trending
  • देश-दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • फिल्मी-दुनिया
  • स्पोर्ट्स
  • लाइफस्टाइल
  • राशिफल
  • अन्य खबरें
Home»झारखंड»राज्यपाल संतोष गंगवार ने किया खोरठा उपन्यास “दुखिया” का विमोचन, महिलाओं के संघर्ष पर आधारित रचना को बताया प्रेरणादायक
झारखंड

राज्यपाल संतोष गंगवार ने किया खोरठा उपन्यास “दुखिया” का विमोचन, महिलाओं के संघर्ष पर आधारित रचना को बताया प्रेरणादायक

reporter1By reporter1September 18, 2025No Comments2 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

रांची :रांची विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय और जनजातीय भाषा विभाग की विभागाध्यक्ष एवं प्रसिद्ध शिक्षाविद् डॉ. कुमारी शशि द्वारा रचित खोरठा उपन्यास “दुखिया” का विमोचन बुधवार को झारखंड के महामहिम राज्यपाल श्री संतोष गंगवार और जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो के करकमलों से संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम रांची विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें कई साहित्यप्रेमी, लेखक और छात्र-नेता उपस्थित रहे।

“दुखिया” उपन्यास झारखंड की ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं के जीवन संघर्ष, सामाजिक उपेक्षा और आंतरिक दृढ़ता को मार्मिक तरीके से प्रस्तुत करता है। राज्यपाल श्री गंगवार ने उपन्यास की सराहना करते हुए कहा कि यह रचना समाज में महिलाओं के मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इसे एक सामाजिक चेतना से परिपूर्ण साहित्यिक प्रयास बताया।

देवेन्द्र नाथ महतो ने अपने वक्तव्य में कहा कि “साहित्य समाज का आईना होता है और महिलाओं को अपनी स्थिति को समझने और आवाज उठाने के लिए साहित्य के प्रति रुचि बढ़ानी चाहिए। दुखिया उपन्यास महिलाओं में आत्मबल और परिवर्तन की भावना को जागृत करेगा, क्योंकि आज भी 21वीं सदी में महिलाएं सामाजिक उपेक्षा और प्रताड़ना का सामना कर रही हैं।”

लेखिका डॉ. कुमारी शशि ने बताया कि यह उपन्यास एक ऐसी ग्रामीण महिला की कहानी है, जिसका जीवन कभी सुख से रूबरू नहीं हुआ। उसके पास घर होते हुए भी वह बेघर थी, माता-पिता के रहते भी अनाथ जैसी जिंदगी जी रही थी और समाज से बहिष्कृत थी। इसके बावजूद वह महिला संघर्ष करती है और अपने जीवन के सपनों को पूरा करती है। उन्होंने यह भी कहा, “आखिर महिलाओं का क्या कसूर है कि समाज एक आंख में काजल और दूसरी में धूल लगाता है?” डॉ. शशि ने कहा कि यह उपन्यास हर महिला को पढ़ना चाहिए, क्योंकि इसमें उनके जीवन की हकीकतों और जमीनी सच्चाइयों का यथार्थ चित्रण है।

इस मौके पर झारखंड के चर्चित लेखक देव कुमार द्वारा लिखित “मैं हूं झारखंड” और “बिरहोर हिंदी-अंग्रेज़ी शब्दकोश” भी राज्यपाल को भेंट की गईं। कार्यक्रम में लेखक अनंत महतो, देव कुमार, सुमार महतो, छात्र नेता चंदन कुमार रजक समेत कई अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।

#DrKumariShashi #DukhiaNovel #JharkhandNews #SantoshGangwar #TribalVoices #WomenEmpowerment
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleधनबाद जेल में एचआईवी संक्रमित कैदी मिला, हाईकोर्ट सख्त, अधिकारियों को किया तलब
Next Article रेल टेका, डहर छेका आंदोलन: कुड़मी समाज की आवाज़ बने आजसू नेता, रेलवे पटरियों पर उतरे सुदेश और चंद्रप्रकाश
reporter1

Related Posts

#Trending

झारखंड में ‘धरती आबा जनजातीय फिल्म महोत्सव 2025’ का ऐतिहासिक शुभारंभ, आदिवासी संस्कृति और संघर्ष को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

October 14, 2025
#Trending

घाटशिला उपचुनाव लड़ेगी जेएलकेएम, प्रत्याशी की घोषणा जल्द — टाइगर जयराम महतो की अध्यक्षता में केंद्रीय बैठक में लिया गया निर्णय

October 13, 2025
#Trending

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किया जेसोवा दिवाली मेला 2025 का भव्य उद्घाटन

October 9, 2025
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.