
रांची : झारखंड सरकार ने राज्य के लगभग 25 लाख ग्रीन कार्ड धारकों को बड़ी राहत देते हुए राशन वितरण प्रणाली में बदलाव किया है। अब लाभुकों को महीने के किसी भी दिन संबंधित माह का राशन प्राप्त हो सकेगा। यह नई व्यवस्था अगस्त 2025 से लागू हो गई है। पहले प्रत्येक माह की 1 से 15 तारीख तक बैकलॉग और 16 से 30/31 तारीख तक चालू माह का राशन दिया जाता था।
खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार, जुलाई 2025 तक सभी पात्र लाभुकों को सितंबर 2024 तक का बैकलॉग राशन वितरित कर दिया गया है। वितरण कार्य पीडीएस सिस्टम और राज्य की धान अधिप्राप्ति योजना के तहत पूरा किया गया है।
बैकलॉग की स्थिति उस समय उत्पन्न हुई जब दिसंबर 2023 से भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने कुछ कारणों से झारखंड सरकार को खाद्यान्न देना बंद कर दिया। यह आपूर्ति ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के तहत होती थी। केंद्र से कई प्रयासों और पत्राचार के बावजूद खाद्यान्न उपलब्ध नहीं हो सका, जिससे राज्य सरकार ने दूसरे राज्यों से खाद्यान्न प्राप्त करने की कोशिश की।
इस समस्या से निपटने के लिए विभाग ने तय किया कि हर माह की 1 से 15 तारीख तक बैकलॉग राशन का वितरण किया जाएगा। अब विभाग ने इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
जनवरी 2021 से झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) लागू है, जिसके तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से बाहर के गरीब लाभुकों को हर माह 5 किलो चावल दिया जाता है। जनवरी 2023 से यह चावल पूरी तरह निःशुल्क दिया जा रहा है। लाभुकों को हरा राशन कार्ड प्रदान किया गया है, और योजना का लक्ष्य अधिकतम 25 लाख लाभुकों को शामिल करना है।
