धनबाद: झारखंड में जेल व्यवस्थाओं और कैदियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। धनबाद मंडल कारा में बंद एक सजायाफ्ता कैदी एचआईवी पॉजिटिव पाया गया है। यह जानकारी नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान सामने आई। बताया गया है कि उक्त कैदी 27 जून से जेल में बंद है।
इस मुद्दे पर झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता माना है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि जेलों में कैदियों की स्वास्थ्य सुरक्षा केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि अन्य कैदियों और जेलकर्मियों की सामूहिक सुरक्षा से जुड़ी है।
कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए गृह सचिव, जेल अधीक्षक, चिकित्सा पदाधिकारी समेत सभी संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से 25 सितंबर को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है। साथ ही राज्य सरकार से पूछा गया है:
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वर्तमान में जेलों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति क्या है?
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संक्रामक बीमारियों, खासकर एचआईवी से निपटने के लिए अब तक कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जेलों में नियमित स्वास्थ्य जांच, परामर्श सेवाएं, और संक्रमित कैदियों के लिए अलग चिकित्सा व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है, बल्कि सभी कैदियों और जेलकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

