नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि 22 सितंबर से देश में ‘GST बचत उत्सव’ की शुरुआत होगी, जो त्योहारों के इस खास सीजन में उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन से ही ‘नेक्स्ट जनरेशन’ GST दरें लागू की जाएंगी, जिन्हें GST 2.0 नाम दिया गया है। इन सुधारों का लाभ गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, व्यापारी और उद्यमी सभी को मिलेगा।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 2014 से पहले की कर व्यवस्था की जटिलताओं को याद करते हुए एक विदेशी लेख का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि फाइनेंशियल टाइम्स में वरिष्ठ पत्रकार विक्टर मैलेट द्वारा लिखा गया एक लेख दर्शाता है कि उस समय भारत में व्यापार करना कितना कठिन था। उदाहरण के तौर पर उन्होंने बताया कि एक फ्रांसीसी टेक्नोलॉजी कंपनी के लिए बेंगलुरु से हैदराबाद सामान भेजने की बजाय उसे यूरोप होकर भेजना सस्ता पड़ता था, क्योंकि उस समय विभिन्न राज्यों के अलग-अलग टैक्स और टोल नियमों के कारण देश के भीतर सामान भेजना महंगा और जटिल होता था।
पीएम मोदी ने कहा कि उस समय लाखों कंपनियों और आम नागरिकों को रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। एक शहर से दूसरे शहर तक सामान पहुँचाने में जो अतिरिक्त खर्च आता था, वह अंततः ग्राहकों को ही उठाना पड़ता था। इसी समस्या से देश को छुटकारा दिलाने के लिए 2017 में GST लागू किया गया, जिसने पूरे देश में एक समान टैक्स प्रणाली की नींव रखी।
अब GST 2.0 के तहत और अधिक सरल और उपभोक्ता-हितैषी टैक्स ढांचा पेश किया गया है, जो त्योहारों के समय लोगों की खरीदारी को और सस्ता और सुगम बनाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक कदम बताया और कहा कि यह सुधार भारत को व्यापार के लिए और अधिक अनुकूल बनाएगा।

